Best romantic poetry for couples क़िताब



अफसाना -ए -उल्फत की एक किताब लिखुँ 
इश्क की दास्ताँ  लिखुँ , हुस्न के ख़िताब लिखुँ। 

रूठने - मनाने  के उस दौर का हिसाब लिखुँ 
शब् की बेताबी  और भोर का ख्वाब लिखुँ। 

ज़माने भर के सवालों का जवाब लिखूँ 
हर  पन्ने पर  अपने महबूब को लाज़वाब  लिखुँ। 

ऐ सनम तेरी तारीफें  बेहिसाब लिखुँ 
ज़ुल्फ़ों को घटा, चेहरे को माहताब लिखुँ। 

कितना बढ़ - चढ़ कर अब जनाब लिखुँ 
करो रुखसत अब, छोटा सा आदाब लिखुँ। 

Madhuryaa

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